Saturday, June 13, 2020

जमीनी विवाद को लेकर दो परिवारों में हुए खूनी संघर्ष की बलि चढ़ी माशूम रेणु
मासुम की माँ का कहना- पुलिस समय पर हमारी सुन लेती तो आज मेरी बेटी रेणु जिंदा होती
झुंझुनू ( रमेश रामावत ) उदयपुरवाटी क्षेत्र के गांवो में इन दिनों जमीनी विवाद को लेकर अनेकों मामले सामने आ रहे हैं। जिसमें कुछ मामलों में पुलिस की नाकामी भी सामने नजर आ रही है। ऐसा ही एक मामला जोधपुरा पंचायत के मुनसागर की ढाणी में घटित हुआ। जिसमें पीड़ितों द्वारा मारपीट का मामला दर्ज करवाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की । जिसके फलस्वरूप पीड़ित परिवार के साथ दोबारा घटना घटित हो गई। घटना में एक ही ढाणी के लोगों में जमीनी विवाद को लेकर खूनी संघर्ष हुआ। खूनी संघर्ष में एक मासूम की मौत हो गई । खूनी संघर्ष शुक्रवार शाम करीबन 7:30 बजे घटित हुआ जिसमें दो पक्षों में जमीनी विवाद को लेकर आपस में झगड़ा हो गया, झगड़े में एक पक्ष के लगभग 16 लोगों ने पीड़ित रामचंद्र सैनी के परिवार पर अचानक दांतला फावड़ा सरियो व पत्थरों से हमला बोल दिया। हमले में लालचंद व बद्री प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए, हमले में घायल लालचंद को देखकर बीच-बचाव करने आई मासूम रेणु 10 वर्ष पुत्री रामचंद्र को हमलावरों ने धारदार हथियार से गर्दन पर वार कर दिया । जिससे रेणु लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी और कुछ ही देर बाद मौके पर ही दम तोड़ दिया । बच्ची को मृत अवस्था मे देकर हमलावर मौके से फरार हो गए और अपने घरों से भी गायब हो गए घटना की सूचना पाकर पचलंगी चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और 108 की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चौकी प्रभारी ने मृतक रेणु के शव को अपने कब्जे में लेना चाहा तो महिलाओं ने शव को घेर लिया और पुलिस को रेणु के शव को हाथ नहीं लगाने की बातें कहने लगी। स्थिति को बिगड़ते देख घटना की जानकारी सीआई उदयपुरवाटी को दी गई उसके बाद सीआई भगवान सहाय मीणा ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की तो महिलाएं फिर से शव को घेर लिया और मृतक रेणु की मां बिमला देवी सीआई से बार-बार यही कहती नजर आई कि अगर पुलिस हमारी समय पर सुनवाई कर लेती तो शायद आज हमारी मेरी बेटी रेणु जिंदा होती। मृतक रेणु की मां ऐसा इसलिए कह रही थी क्यों की ऐसी ही हूबहू घटना इनके साथ हमलावरों ने 10 जून 2020 को भी की यही उसके बाद पीड़ित परिवार ने उदयपुरवाटी थाने में मामला दर्ज करवाया था जिसको लेकर 3 दिन तक कोई कार्यवाही नहीं उसके बाद हमलावरों के हौसले बुलंद हो गए और फिर इस घटना को अंजाम दे दिया। घंटे भर की मशक्कत के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों को मनाया तथा उसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उदयपुरवाटी मोर्चरी में पहुंचाया तथा देर रात में मृतक रेणु के पिता रामचंद्र ने 16 लोगों के खिलाफ नाम दर्ज हत्या व मारपीट का मामला दर्ज करवाया। शनिवार सुबह शव का पोस्टमार्टम करने के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार यह कहते हुए कर दिया कि पहले आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए । उसके बाद पुलिस ने कई घंटों तक समझाइस की और जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार करने के आश्वासन पर परिजन माने और शव को लिया । शनिवार दोपहर को गमगीन माहौल में मासूम रेणुका अंतिम संस्कार किया गया अंतिम संस्कार में पूर्व सरपंच छाजूराम बाघोली, लालचंद ,सरदारा राम, शंकरलाल सहित दर्जनों लोगों ने शामिल हुए। गांवो में इस प्रकार की घटने वाली घटनाओं को लेकर ग्रामीण में सहमे हुए हैं ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस मारपीट के ऐसे मामलो में समय पर कार्रवाई नहीं करती है। जिससे ऐसी घटनाएं घटित होती है।





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