सीनियर अधिकारियों को फील्ड से दूर कर, सरकार के आदेश की खुली अवहेलना: एडवोकेट शिवकुमार जेवरिया, पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, झुंझुनू।
झुंझुनू: आदेश क्रमांक 729 दिनांक 10.07.2026
सीएम भजनलाल शर्मा सरकार का खुला आदेश: "इंस्पेक्टर उपलब्ध हों तो SI को SHO को थाने की कमान ना सौंपी जाएँ।
पर झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर की लिस्ट में रैंक और अनुभव की खुली अनदेखी ।
तथ्यों के साथ पूरी रिपोर्ट 👇
1. झुंझुनूं जिले में इंस्पेक्टर को मिले 14 थाने - सही :
सदर, बगड़, धनूरी, मण्डावा, बिसाऊ, गुढ़ा, मुकुन्दगढ़, सूरजगढ़, चिड़ावा, पिलानी, मेहाड़ा, खेतड़ी, बबाई, बुहाना, पचेरी कलां
2. इन SI को SHO बनाए गए 4 थाने चिंतन का विषय :
1. थाना मंड्रेला में - उप निरीक्षक।
2. थाना गोठड़ा में - जयप्रकाश सिंह / मानसिंह - उप निरीक्षक।
3. थाना सुल्ताना में - रामनिवास / गोपीराम - उप निरीक्षक।
4. महिला पुलिस थाना झुंझुनू में उप निरीक्षक।
3. सबसे बड़ा सवाल: सीनियर Inspector को फील्ड क्यों नहीं ?
तबादला सूची में 18 पुलिस निरीक्षक हैं। लेकिन कई सीनियर को थाने की बजाय शाखाओं में रखा गया:
- _कस्तूर वर्मा / बृजलाल - पु.नि._ - _प्रभारी यातायात शाखा_
- _राधेश्याम सांखला / दीपचन्द - पु.नि._ - _प्रभारी जिला विशेष शाखा_
- _संजय गौतम / शिवदयाल - पु.नि._ - _प्रभारी साईबर थाना_
- _रणजीत सिंह / प्रताप सिंह - पु.नि._ - _अपराध सहायक_
⚖️ एडवोकेट शिवकुमार जेवरिया, पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, झुंझुनू।
विधिक बयान:
> "पुलिस रेग्युलेशन और सरकार के आदेश के अनुसार इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को ही थानाधिकारी बनाया जाए।
> कारण: इंस्पेक्टर के पास SI से ज्यादा वित्तीय अधिकार, जांच अधिकार और कोर्ट में पैरवी का अनुभव होता है। इससे FIR से लेकर चालान, विवेचना तेज होती है और अपराधियों में खौफ पैदा होता है ।
> जिले में 18 इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी उपलब्ध हैं। तो फिर सीनियर इंस्पेक्टर को थाना मंड्रेला, गोठड़ा, सुल्ताना, महिला थाने में SI को थानाधिकारी की जिम्मेदारी क्यों ?
> सबसे चिंता की बात _महिला थाना SI के पास_ होना है। इससे महिलाओं की सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में देरी होगी।
> इससे पुलिस प्रक्रिया कमजोर होगी, फाइलें लेट होंगी और अपराध बढ़ेगा।
> हम मांग करते हैं: 24 घंटे में इन 4 थानों में Inspector रैंक के अधिकारी को SHO लगाया जाए और सीनियर Inspector को फील्ड थानों की जिम्मेदारी दी जाए। तभी सरकार के आदेश की पालना होगी और जनता को न्याय मिलेगा।"
जनता की मांग:
1. 24 घंटे में मंड्रेला, गोठड़ा, सुल्ताना, महिला थाना में Inspector को SHO नियुक्त किया जाए।
2. यातायात, DSB, साईबर के सीनियर Inspector को बड़े थानों में पोस्ट किया जाए।
3. सरकार के आदेशों की 100% पालना हो।
स्रोत: D.O. No. 729
आवाज: एडवोकेट शिवकुमार जेवरिया ने झुंझुनू पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी तबादला सूची पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए घोर निंदा की है साथ ही सरकार के आदेशों की पालना के अनुसार जिले के थानों में लगाए गए SI की जगहों पर इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को पदस्थापित करने की माँग की है।
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